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समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रग्स और फायरिंग कांड का खुलासा, SIT जांच में चौंकाने वाला सच आया सामने

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समस्तीपुर मोहननगर थाना कांड संख्या-87/26 में SIT जांच के दौरान ड्रग्स कारोबार और फर्जी गोलीकांड की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने 19 ग्राम हीरोइन बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के मोनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला अब केवल गोलीकांड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि SIT जांच के बाद यह पूरा घटनाक्रम ड्रग्स कारोबार, झूठी कहानी और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोपों में बदल गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कांड संख्या-87/26 की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

प्रारंभ में इस मामले में जख्मी शुभम कुमार द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि उनके साथ लूटपाट करते हुए गोली मारी गई और उनसे दो लाख रुपये छीन लिए गए। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने अनुसंधान आगे बढ़ाया, वैसे-वैसे कहानी का पूरा सच सामने आने लगा।

SIT जांच में बड़ा खुलासा, कहानी निकली कुछ और ही

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि जख्मी शुभम कुमार और उनके ही ग्रामीण मित्र राजेश कुमार सिंह मिलकर ड्रग्स के अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस दिन घटना हुई, उस दिन शुभम कुमार अपने पास आग्नेयास्त्र और नशीले पदार्थ लेकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।

इसी दौरान बलुआही पंचायत भवन के पास कथित रूप से कमर में रखे हथियार से अचानक गोली चल गई, जिससे वे खुद ही घायल हो गए। पुलिस जांच में यह दावा मजबूत हुआ कि यह कोई बाहरी हमला नहीं था बल्कि एक दुर्घटनावश हुई फायरिंग का मामला है, जिसे बाद में लूट और गोलीकांड की कहानी में बदलने की कोशिश की गई।

दोस्त की पूछताछ में खुला पूरा राज

इस मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब पुलिस ने राजेश कुमार सिंह से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने कई चौंकाने वाले तथ्य स्वीकार किए। उनके अनुसार शुभम कुमार ने उन्हें फोन कर घायल होने की सूचना दी और अलग-अलग स्थानों पर बुलाया।

राजेश कुमार सिंह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्होंने शुभम कुमार को घायल अवस्था में पाया। शुभम कुमार ने शुरुआत में मोटरसाइकिल से गिरने की बात कही, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि कमर में रखे हथियार से गलती से गोली चल गई थी।

इसी दौरान उन्होंने यह भी बताया कि बलुआही सरकारी स्कूल के पास पीपल के पेड़ के नीचे कुछ मादक पदार्थ फेंके गए थे और आग्नेयास्त्र को छिपाने की बात भी स्वीकार की गई।

ड्रग्स बरामदगी से बढ़ा मामला, NDPS एक्ट में नई FIR

जांच के क्रम में SIT टीम ने राजेश कुमार सिंह की निशानदेही पर बलुआही पंचायत भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे से मादक पदार्थ बरामद किए। दंडाधिकारी की उपस्थिति में की गई इस कार्रवाई में कुल 50 पीस, लगभग 19 ग्राम हीरोइन (स्थानीय भाषा में कोटा) बरामद किया गया।

इसके बाद पुलिस ने मोनगर थाना कांड संख्या-90/26 दर्ज करते हुए NDPS एक्ट की धारा 8(C)/21(B)/22(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस नए केस में राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान के लिए आगे की जांच जारी है। वहीं कांड संख्या-87/26 में इस्तेमाल किए गए आग्नेयास्त्र की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार SIT टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और जमीनी दोनों स्तर पर जांच की। मोबाइल कॉल डिटेल्स, घटनास्थल की स्थिति और गवाहों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि प्रारंभिक आरोप पूरी तरह से संदेह के घेरे में हैं।

पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल दुर्घटना नहीं बल्कि अवैध कारोबार को छुपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बनाई गई एक झूठी कहानी भी हो सकती है। इसी आधार पर आगे की जांच और भी व्यापक कर दी गई है।

जनता की प्रतिक्रिया और प्रशासन पर सवाल

इस पूरे मामले पर स्थानीय स्तर पर लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जिले के लोगों का कहना है कि पटोरी और रोसड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों की कार्यशैली जिस तरह से तेज और प्रभावी मानी जाती है, उसी तरह अगर अन्य अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने जिम्मेदारी को समझते तो अपराध पर बहुत हद तक जिले में लगाम लगाया जा सकता था। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 के कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर और सख्ती से जांच की जाती तो इस तरह के ड्रग्स नेटवर्क और झूठी कहानी को पहले ही उजागर किया जा सकता था। वहीं कई लोग यह भी मानते हैं कि SIT की सक्रियता ने पूरे मामले को सही दिशा में मोड़ दिया है।

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है और यह सभी जानकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पाटोरी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सार्वजनिक रूप से साझा की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले से जुड़े सभी तथ्य, SIT जांच के निष्कर्ष, बरामदगी और गिरफ्तारी की पूरी जानकारी विस्तार से दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

इस मामले में अब तक राजेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। वहीं शुभम कुमार की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस अवैध ड्रग्स कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

निष्कर्ष

समस्तीपुर का यह मामला शुरू में एक साधारण गोलीकांड और लूट की घटना प्रतीत हो रहा था, लेकिन SIT जांच ने इसे पूरी तरह बदलकर ड्रग्स कारोबार और झूठी कहानी के जाल में उलझा हुआ मामला बना दिया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और वास्तविक सच्चाई को सामने लाना है।

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